चम्पावत गैंगरेप केस में बड़ा मोड़:आरोपित की पत्नी-बेटी आईं सामने, पूरे प्रकरण को बताया साजिश-
भाजपा नेताओं पर भी लगे गंभीर आरोप-
IG कुमाऊँ बोलीं— “दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई”
चम्पावत -
जनपद में नाबालिग बालिका से कथित सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले ने अब नया और बेहद संवेदनशील मोड़ ले लिया है। एक ओर पुलिस तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ पोक्सो, दुष्कर्म व अन्य गंभीर धाराओं में जांच आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर आरोपित पक्ष खुलकर सामने आ गया है। मामले ने अब राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है।पहले एक आरोपित के पिता ने बेटे को निर्दोष बताते हुए पूरे प्रकरण को साजिश करार दिया था, अब आरोपित की पत्नी और बेटी ने भी सामने आकर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। परिवार का आरोप है कि उन्हें राजनीतिक और सामाजिक प्रतिशोध के तहत फंसाया जा रहा है।
आरोपित की बेटी ने दावा किया कि घटना वाली रात उसके पिता परिवार के साथ घर पर मौजूद थे। उसने कहा, "मेरे पापा निर्दोष हैं। उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। हमें भरोसा है कि निष्पक्ष जांच में सच सामने आएगा।"
वहीं आरोपित की पत्नी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि जिस नाबालिग बालिका की बात हो रही है, उनकी खुद की बेटी भी लगभग उसी उम्र की है। ऐसे में पति पर लगे आरोपों ने पूरे परिवार को मानसिक और सामाजिक रूप से तोड़ दिया है। उन्होंने कहा, "हमारे पति को साजिशन फंसाया जा रहा है। हमें न्यायपालिका और भगवान पर भरोसा है।"
इधर मामले में नया विवाद उस समय खड़ा हो गया जब कमल रावत ने कोतवाली परिसर में ही भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। कमल रावत का कहना है कि उनकी ओर से दी गई शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, बल्कि विरोध करने पर उनके साथ हाथापाई तक की गई। इस आरोप के बाद कोतवाली में देर तक माहौल गरमाया रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुमाऊँ रेंज की आईजी श्रीमती रिधिम अग्रवाल ने भी त्वरित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा,
"जनपद चम्पावत में नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए तीन आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है। सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़िता को हर संभव सहायता एवं सुरक्षा प्रदान की जा रही है।"
आईजी ने स्पष्ट कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों को लेकर बेहद संवेदनशील है और ऐसे मामलों में त्वरित एवं कठोर कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि नाबालिग बालिका के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी। बाद में पुलिस ने बालिका को बरामद कर मेडिकल परीक्षण कराया, जिसके बाद तीन युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
अब इस हाईप्रोफाइल मामले में पीड़ित पक्ष, आरोपित परिवार और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों के बीच पूरे जिले की निगाहें पुलिस जांच और आने वाली रिपोर्ट पर टिक गई हैं।
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