आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से भेजी जा रही खाने-पीने की सामग्री,
रुद्रप्रयाग
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से भेजी जा रही खाने-पीने की सामग्री,
दूसरे दिन भी युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी,
रुद्रप्रयाग जिले बसुकेदार तहसील के आपदाग्रस्त इलाकों में बिजली, पानी की सप्लाई ठप्प,
सड़क मार्ग बंद होने से बढ़ रही परेशानियां,
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने क्षति का त्वरित आंकलन करने को लेकर की नोडल अधिकारियों की तैनाती,
रुद्रप्रयाग। बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने के बाद ग्रामीण दहशत के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। क्षेत्र में बिजली, पानी की व्यवस्था ठप पड़ी है तो सड़क मार्ग भी कई जगह बाधित है। ऐसे में ग्रामीणों का संपर्क कटा हुआ है। ग्रामीण अँधेरे में रात काटने के लिए विवश हैं। इस आपदा में जहाँ लोगों ने अपनों को खोया, वहीं मवेशी भी जिन्दा दफन हो गए। खेत खलिहान तबाह हो गए तो सर से छत भी छीन गयी। प्रशासन की टीमें क्षेत्र में दूसरे दिन भी रेस्क्यू अभियान चलाये हुए है। हेलीकॉप्टर से खाने-पीने की सामग्री भेजी जा रही है तो क्षेत्र में बिजली और पानी आपूर्ति के प्रयास भी लगातार जारी हैं।
बता दें कि बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने की घटना से छेनागाड़ तबाह हो गया है। यहाँ अब कुछ नहीं बचा है। घटना में आठ लोग अभी भी लापता चल रहे हैं, जिनमें चार स्थानीय हैं तो चार नेपाली मूल के शामिल हैं। एसडीआरएफ की लापता लोगों की खोजबीन में जुटी है। मलबे को हटाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लावा ताल जामन, बडेथ, डुंगर में आपदा से भारी नुकसान हुआ है। ताल जामन में एक दर्जन आवासीय भवन मलबे में दब गए, जबकि 20 से करीब मवेशी भी दफन हो गए।
आवासीय भवनों के मलबे में दबने से 162 ग्रामीणों को गांव के स्कूल में आसरा दिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों के लिए टेंट की सुविधा के साथ खाने पीने की व्यवस्था की गई है। क्षेत्र में लाइट, पानी की सप्लाई भी ठप्प पड़ी है। बिजली के पोल और पानी की लाइने आपदा की भेंट चढ़ गई हैं, जिनको लेकर कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। बसुकेदार-गुप्तकाशी राज्य मार्ग भी जगह-जगह बंद है, जिसे खोलने का कार्य जारी है।
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