सोशल मीडिया के इनफ्लुएंस में आकर नाबालिक उठा रहे हैं घातक कदम।
देहरादून - सोशल मीडिया के इस दौर में देवभूमि उत्तराखंड के नाबालिग कुछ ऐसे कदम उठा रहे हैं जो परिजनों के लिए ही नही बल्कि समाज के लिए भी एक चिंता का विषय है उत्तराखंड में इन दिनों नाबालिक बच्चों के घर से बिना बताए चले जाने की सूचनाएं लगातार आ रही हैं विगत दो माह में ही जनपद देहरादून के विभिन्न थाना क्षेत्र में ऐसी सूचना आई हैं जिसमें 97 से अधिक नाबालिग बच्चे अपने घरों से बिना बताए कहीं चले गए हालांकि इसके अलग-अलग कारण है लेकिन देवभूमि के लिए यह एक चिंता का विषय है।
देहरादून एसएसपी ने जानकारी देते हुए बताया की पुलिस की सजकता और कार्य कुशलता के चलते अभी तक 87 नाबालिक बच्चों को देश के विभिन्न राज्यों से सकुशल उनके परिजनों तक पहुंचा जा चुका है इनमें से 62 बच्चे तो ऐसे हैं जो उनके माता-पिता के डांटने या उनकी बात ना मानने के कारण नाराज होकर चले गए थे जबकि 24 बच्चे ऐसे थे जो सोशल मीडिया के इनफ्लुएंस में आकर घूमने के बहाने बिना बताए निकल गए इसके अलावा 11 ऐसे नाबालिक हैं जिनको सोशल मीडिया के माध्यम से किसी दूसरे के द्वारा बहला फुसला कर ले जाया गया उनके खिलाफ पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमे भी पंजीकृत किए हैं जबकि 10 अन्य ऐसे प्रकरण हैं जिन पर पुलिस अभी जांच कर रही है लिहाजा देव भूमि के लिए सोशल मीडिया एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रहा है और उसका प्रभाव इन घटनाओं से आसानी से लगाया जा सकता है।
घर छोड़कर जाने वाले बच्चों के मामलों में पुलिस न सिर्फ बच्चों की बल्कि उनके अभिभावकों की भी काउंसलिंग कर रही है, ताकि परिजन बच्चों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें। वर्तमान में 10 अन्य मामलों में बच्चों की तलाश की जा रही है। इनमें पटेलनगर क्षेत्र की एक नाबालिग युवती से पुलिस ने वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क किया, जिसने बताया कि वह लुधियाना में काम कर रही है और जल्द ही घर लौटेगी। इसी तरह प्रेमनगर से लापता एक नाबालिग का कारण परिजनों से नाराजगी और काम की तलाश बताया गया है। दून पुलिस का कहना है कि सभी मामलों में गंभीरता से कार्यवाही की जा रही है और गुमशुदा बच्चों की सकुशल बरामदगी को प्राथमिकता दी जा रही है।
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